Package of Practices for Jowar (Sorghum) Cultivation

Package of Practices for Jowar (Sorghum) Cultivation

ज्वार की भरपूर पैदावार लेने के लिए आवश्यक सुझाव

ज्वार (Sorghum) भारत की एक प्रमुख चारा फसल है। चारे वाली ज्वार की खेती के लिए अच्छे जल निकास वाली मध्यम दोमट से भारी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है।

Jowar Sorghum Crop Field

1. बिजाई का समय

खरीफ ज्वार:

  • अधिकांश क्षेत्र: जून का अंतिम सप्ताह से जुलाई का प्रथम पखवाड़ा

ग्रीष्म ज्वार:

  • फरवरी से अप्रैल

2. ज्वार की किस्म

  • सुरभि

3. बीज दर

  • 25–30 किग्रा प्रति एकड़

4. कतार व पौध दूरी

  • कतार से कतार दूरी: 20–25 सेमी
  • पौधे से पौधे की दूरी: 10–15 सेमी
  • बिजाई विधि: सीड ड्रिल या हल के पीछे (केरा/पोरा विधि)

5. उर्वरक प्रबंधन (प्रति एकड़)

  • यूरिया: 45 किग्रा (आधी मात्रा बिजाई के समय, आधी 25–30 दिन बाद)
  • डी.ए.पी.: 35 किग्रा
  • पोटाश: 16 किग्रा

6. खरपतवार नियंत्रण

चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों हेतु:

  • एट्राजीन 50% WP 400 ग्राम प्रति एकड़
  • 200 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के तुरंत बाद छिड़काव
  • बिजाई के 20–25 दिन बाद एक गुड़ाई अवश्य करें

7. सिंचाई प्रबंधन

  • खरीफ फसल: सामान्यतः वर्षा आधारित
  • ग्रीष्म फसल: 4–5 सिंचाइयाँ आवश्यकतानुसार

8. प्रमुख कीट एवं नियंत्रण

गोभ छेदक मक्खी (शूट फ्लाई) / तना छेदक (स्टेम बोरर):

  • सायपरमैथ्रिन 25% EC (सायपरकिल) 100 मि.ली./एकड़ या
  • इमामैक्टिन बेंजोएट (प्रोक्लेम) 100 ग्राम/एकड़
  • 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें