Package of Practices for Guar (Cluster Bean) Cultivation

Package of Practices for Guar (Cluster Bean) Cultivation

ग्वार की भरपूर पैदावार लेने के लिए आवश्यक सुझाव

ग्वार, जिसे क्लस्टर बीन भी कहा जाता है, एक सूखा सहनशील दलहनी फसल है। इसकी खेती मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और पंजाब जैसे शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में की जाती है। भारत ग्वार एवं इससे बने उत्पादों का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है।

ग्वार गम का उपयोग खाद्य, वस्त्र एवं पेट्रोलियम उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है। ग्वार की फसल रेतीली से दोमट, अच्छे जल निकास वाली भूमि में अच्छी होती है तथा इसे कम सिंचाई की आवश्यकता होती है।

Guar Crop Field

1. भूमि का चयन

  • अच्छे जल निकास वाली रेतीली से दोमट मिट्टी उपयुक्त
  • जलभराव वाली भूमि से बचें

2. बिजाई का समय

  • सिंचित क्षेत्र: जून का दूसरा पखवाड़ा
  • बारानी क्षेत्र: मानसून के आगमन पर

3. ग्वार की किस्में

  • HG-2-20
  • HG-365
  • S-06
  • गौरी
  • श्रीराम ज्योति (एकतुलिया किस्म)
  • श्रीराम ज्योति प्लस

4. बीज दर

  • 5–6 किग्रा/एकड़ – HG-2-20, HG-365, S-06, गौरी
  • 9–10 किग्रा/एकड़ – श्रीराम ज्योति (एकतुलिया किस्म)
  • 7–8 किग्रा/एकड़ – श्रीराम ज्योति प्लस

5. बीज उपचार

  • फफूंदनाशी: कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम/किग्रा या थायरम + कार्बेन्डाजिम 3 ग्राम/किग्रा
  • दीमक व प्रारम्भिक कीट: इमिडाक्लोप्रिड 600 FS 5 मि.ली./किग्रा या थायमेथोक्साम 30 FS 10 मि.ली./किग्रा
  • राइजोबियम कल्चर: 5 ग्राम/किग्रा बीज
नोट: यदि बीज पहले से कंपनी द्वारा उपचारित हो, तो अतिरिक्त बीज उपचार की आवश्यकता नहीं।

6. बिजाई का ढंग

(क) HG-2-20, HG-365, S-06, गौरी

  • कतार दूरी: 30–45 सेमी
  • पौधा दूरी: 10–15 सेमी

(ख) श्रीराम ज्योति (एकतुलिया किस्म)

  • कतार दूरी: 20–25 सेमी
  • पौधा दूरी: 10 सेमी

(ग) श्रीराम ज्योति प्लस

  • कतार दूरी: 30–35 सेमी
  • पौधा दूरी: 10–15 सेमी

7. उर्वरक प्रबंधन (प्रति एकड़)

  • यूरिया: 15 किग्रा
  • डी.ए.पी.: 35 किग्रा
  • अर्बोईट जिंक: 3 किग्रा
  • पोटाश: 16 किग्रा

8. खरपतवार नियंत्रण

  • पेंडीमेथालिन 30 ई.सी. (स्टोम्प): 700 मि.ली.
  • 200 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के तुरंत बाद प्रति एकड़ छिड़काव

9. सिंचाई प्रबंधन

  • समय पर बोई गई फसल में सामान्यतः सिंचाई आवश्यक नहीं
  • फूल व फलियाँ बनते समय वर्षा न होने पर 1–2 सिंचाई

10. प्रमुख हानिकारक कीट एवं नियंत्रण

  • तेला: मैलाथियान 50 ई.सी. 200 मि.ली./200 लीटर पानी
  • गाल वास्प: मैलाथियान 200 मि.ली. या डाइमेथोएट (रोगोर) 250 मि.ली./200 लीटर पानी

11. प्रमुख रोग एवं नियंत्रण

  • बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (45 दिन बाद)
  • स्ट्रैप्टोसाइक्लिन 30 ग्राम + कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 400 ग्राम
  • 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव
  • 10–15 दिन बाद पुनः छिड़काव